Posts

Showing posts from February, 2014

Why do I speak so much?

                                           क्यों मैं इतना बोलता हूँ ? क्यों मैं इतना बोलता हूँ  ? ऐसा  मैं सोचता -रहता हूँ, लेकिन मैं फिर भी बोलता रहता हूँ ।  बस मैं बोलता जाता हूँ  ,      कुछ   ज़्यादा  ही बोलता हूँ  ।  बक-बक ,   बक-बक , टक - बक , टक - बक , मैं करता रहता हूँ , ऐसा भी मैं सोचता रहता हूँ ।  कहता  मैं जाता रहता , गाता      मैं जाता रहता , लिखता   मैं जाता रहता , करता  मैं जाता रहता   हूँ ।  इतनी बातें बनाता हूँ , बस पूछो मत ।  क्यों मै  इतना    बोलता हूँ  , बस मैं बोलता-रहता हूँ ।