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Showing posts from June, 2018

Farewell

आखरी क्या ये स्कुल का आखरी साल है ? लगता है जैसे ज़िन्दगी का आखरी साल है  या फिर नई ज़िन्दगी का पहला साल है  इसके बाद क्या मैं दोस्त बना भी पाउगा ? क्या मैं लोगो से सिखा भी पाउँगा  ? क्या मैं बचा कहलाया भी जाऊंगा  ? बचपन खत्म हो गया  पर बचपना हमेशा रहेगा बाकि लोग आएंगे  और यदि बनकर चले जाएँगे  पुराने दोस्तों को बिछड़ा हुआ  नए दोस्तों को ुझ्दा हुआ  और खुद फसा हुआ  जिनसे सब सीखा  उनको भूल गया  जिनको सब सिखाया  उनको याद न आउगा  एक बिगड़े बाप के भोले बच्चे   एक भोले बाप के भोले बच्चे  अब है ये ज़िंदगी की रीत  जब लिख रहा हु गीत  मंज़िल एक दोस्त रस्ते नेक  इतना आगे आज्ञा हु  की और आगे नहीं आ सकता  इतना दूर आ गया हु  की पीछे नहीं मुद सकता  आरंभ किआ तो अंत भी होगा  हर कहानी की तरह अपनी भी होगी हर जीत नहीं पर सुख-दुःख होगा  अहम स्तिथि का फैसला  सबके नहीं पर अपने लिए सही होगा  क...

Random

dekh kar aasmaan chal neeche hai zameen ho neela ye jahan bana le duniya ko mahan apni is basti mein hum bhi hai yahan zyada dur nahi ye mausam hai rangeen kyu bheega, sookha berang aur bhaga, kooda, ruka bedhang beet din rahe hai gin main rha hu

Rustam

रुस्तम   पा ली है मंज़िल बड़ा बनकर काबिल अब किसी ने न रोका और लोगो से खाने धोका मोड़ पर आकर किसी से मिल चाइए कोई तो हो शामिल जो इस जीत का साथी करेगा जशन भरी जितना हाथी जनता पर है भरोसा जैसे माँगा वैसे परोसा इतना बनकर मज़बूत फिर भी मांगे सबूत सबने सुना दिया फैसला खत्म हो गया ये सिला बाहर शान से निकलकर नहीं थी गलती मान लिए था सही जान लिया पीकर दो जाम करदे ये शाम बाज़ी अपने नाम 

Diwali

दिवाली   घरो में रौशनी लाओ, दिवाली मनाओ | करो घर की सफाई, पहनो नए कपडे | न्य समान लाओ , और घर को सजाओ | अपने देश को चमकाओ, और घरो शहरों में खुशियां लाओ | पटके चलना करो बंद, और खत्म करो गंद |

Live and Let Live

जिओ और जीने दो  चाहे कुछ भी हो, खुद को तुम जीने दो | खाओ पीओ  और भर के जीओ | कोई कुछ भी कहे,  इंसान उसे डटके सहे   खुद तुम आराम से रो, दुसरो को परेशान न करो | बाधाएं न आने को  सबको सुख से रहने दो | जानवरो को इंसानो से कहने दो,  की जीओ और जीने दो |

Respect

सम्मान  ये दुनिया सम्मान से भरपूर, पर रहती ज़िम्मेदारी से दूर | जितना लोगो का किया आदर , पर क्या खुश हु मैं इतनी इज़्ज़त पाकर | आदर, पैसा और ख्याति, चाहता है इंसान | ये तीन तत्व सबको खुशियां ही लती, इन सबसे बढ़ती है शान | ये कितना भी सही हो या नहीं, पर लोग कहते इससे सही | पेसो से खरीदते आन, नए ज़माने का है दौर, पर कोई डालें इस पर गौर, की है तो ये गलत | लेकिन शायद इसे लोगो की गिरती इज़्ज़त  |

Bond

अटूट रिश्ता  किस बात का गम, जब साथ है हम | क्या फ़िक्र की बात, जब मैं हु तेरे साथ | याद है वो हसीं पल, जो बीता था कल | कितनी भी हुई लड़ाई, लेकिन अंत में हमेशा चेहरे पे मुस्कान आई | चाहे तू ने कितना भी दुख पाया, था पास मेरे वहाँ साया | यह रिश्ता कसी से न कम,  सबसे पक्का हर दम | तेरी परछाई है तो है सुकून, है हमे दोस्ती का जूनून | जब था दोनों का संग, तब उड़े जैसे पतंग | न बोले एक दूसरे से झूठ, है यह रिश्ता अटूट | है किसका इंतज़ार, रखे यह दोस्ती बरकरार |