Bond

अटूट रिश्ता 

किस बात का गम,
जब साथ है हम |
क्या फ़िक्र की बात,
जब मैं हु तेरे साथ |
याद है वो हसीं पल,
जो बीता था कल |
कितनी भी हुई लड़ाई,
लेकिन अंत में हमेशा चेहरे पे मुस्कान आई |
चाहे तू ने कितना भी दुख पाया,
था पास मेरे वहाँ साया |
यह रिश्ता कसी से न कम,
 सबसे पक्का हर दम |
तेरी परछाई है तो है सुकून,
है हमे दोस्ती का जूनून |
जब था दोनों का संग,
तब उड़े जैसे पतंग |
न बोले एक दूसरे से झूठ,
है यह रिश्ता अटूट |
है किसका इंतज़ार,
रखे यह दोस्ती बरकरार |

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