Dreams

                                सपने 
थे कुछ  सपने जो करने है पूरे ,
सो के मेरी  निंदिया में आए ,
फूलो से सच सपने सजाए ,
बनाऊंगा उन्हें मैं सच ,
यकीन कर !यकीन कर !

लेकिन मौका है सिर्फ एक ,
आएगा न बार-बार
मेहनत करनी चाहिए  ये न बोल ,
मेहनत करूंगा मै खुद पे हौसला  रख
विश्वास कर खुद पर ,
क्योंकि ये ज़िन्दगी आएगी न दोबारा,
भगवान  है तेरे अन्दर ,
उसको इधर उधर न ढूंढ ।
इसलिए जो मांगना है,
वो खुदसे मांग ।
फिर तू बड़ते चल।
 बड़ते चल।  

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