Time
वक़्त
क्या है वक़्तक्यों है इतना सख्त
किसी के लिए नही रुकता
किसी के लिए नही झुकता
ना थूकता ना फिसलता
बस चलता ही रहता
किसी से नही नाराज़
किसी से नही छुपा राज़
सबसे ज़्यादा है आज़ाद
जो करता दुसरो को बरबाद
किसी की नही सुनता
किसी को नही छोड़ता
सबसे ज़्यादा है ज़िदी
जबकि हम सबकी अकल से भी पिदी
और कर रहा है सब पर राज
ले रहा है हमारा मज़ा
दे रहा है हमे सज़ा
गोल चक्कर के बीच फसा
लिए सर पर ताज
टिक टिक चिक चिक
बार बार इसकी तरफ देख
क्र रहे है आँखें सेक
सुन सुन रुक रुक
कब आएगा मेरा समय
Comments
Post a Comment